॥ तिथिं च नक्षत्रं च कालं च ॥

आगामी तिथि एवं पर्व

हिंदू पंचांग · विक्रम संवत 2083

संपूर्ण सनातन कैलेंडर — सभी तिथियाँ, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, त्योहार, प्रदोष व्रत और पावन अवसर, हिंदू पंचांग के अनुसार। दिव्य मार्गदर्शन के साथ अपनी उपासना, पूजा और व्रत की योजना बनाएँ।

🌙
आज की तिथि कार्तिक पूर्णिमा  ·  31 अक्टू. 2026

पंचांग एक नज़र में

एकादशियाँ 11
पूर्णिमाएँ 8
अमावस्याएँ 4
त्योहार एवं उत्सव 4
प्रदोष व्रत 8
विशेष व्रत 1
कुल पावन दिन 67
एकादशी
पूर्णिमा
अमावस्या
त्योहार
प्रदोष
गणेश
व्रत
शिव मास
पितृ पक्ष

सनातन पंचांग

हिंदू कैलेंडर

सभी तिथियाँ, त्योहार और पावन अवसर — हर दिन के महत्व और अनुशंसित पूजा के साथ।

📅
मई 2026
Chaitra (चैत्र)
2 पावन दिनs
02
अप्रै.
गुरू
हनुमान जयंती
हनुमान जयंती
प्रमुख पर्व
Chaitra (चैत्र) ·पूर्णिमा
चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाने वाली भगवान हनुमान की जयंती — संकट मोचन चैरिटेबल सोसाइटी के नाम और स्थापना की भावना से जुड़ा एक विशेष दिन।
हनुमान चालीसा पाठ, सुंदरकांड, सिंदूर एवं तिल तेल अर्पण
14
अप्रै.
मंगल
मेष संक्रांति / बैसाखी
मेष संक्रांति / बैसाखी
प्रमुख पर्व
Vaishakha (वैशाख) ·सौर
सूर्य का मेष राशि में प्रवेश, सौर नववर्ष का आरंभ — उत्तर भारत में फ़सल उत्सव के साथ बैसाखी के रूप में मनाया जाता है।
सूर्य पूजा, गंगा स्नान, दान-पुण्य
📅
जुलाई 2026
Jyeshtha (ज्येष्ठ)
8 पावन दिनs
01
जून
सोम
ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी
श्रेष्ठा शुक्ल पंचमी
पंचमी
Jyeshtha (ज्येष्ठ) ·शुक्ल पक्ष
शुक्ल पक्ष की पंचमी — नए कार्यों और माँ दुर्गा की उपासना के लिए शुभ।
दुर्गा पूजा, विनायक व्रत
06
जून
शनि
विनायक चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
गणेश
Jyeshtha (ज्येष्ठ) ·शुक्ल पक्ष
मासिक विनायक चतुर्थी — बाधाएँ दूर करने और सफलता हेतु भगवान गणेश की उपासना।
गणेश पूजा, मोदक नैवेद्य, व्रत
11
जून
गुरू
निर्जला एकादशी
निर्जला एकादशी
एकादशी
Jyeshtha (ज्येष्ठ) ·शुक्ल पक्ष
वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी — निर्जल उपवास। पुण्य में सभी 24 एकादशियों के बराबर। भगवान विष्णु को समर्पित।
निर्जला उपवास, विष्णु सहस्रनाम, हरि कीर्तन
13
जून
शनि
प्रदोष व्रत (शुक्ल)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Jyeshtha (ज्येष्ठ) ·शुक्ल पक्ष
शुक्ल पक्ष प्रदोष — संध्या काल में भगवान शिव की पूजा। पापों का नाश और मुक्ति प्रदान करता है।
शिव अभिषेक, प्रदोष कथा, महादेव पूजा
15
जून
सोम
ज्येष्ठ पूर्णिमा
ज्येष्ठ पूर्णिमा
पूर्णिमा
Jyeshtha (ज्येष्ठ) ·पूर्णिमा
ज्येष्ठ की पूर्णिमा — सत्यनारायण कथा, पितृ पूजन और नदी स्नान के लिए पावन। सुहागिन महिलाएँ वट पूर्णिमा व्रत रखती हैं।
सत्यनारायण कथा, वट पूर्णिमा व्रत, गंगा स्नान
23
जून
मंगल
देवशयनी एकादशी
देवशयनी एकादशी
एकादशी
Ashadha (आषाढ़) ·कृष्ण पक्ष
इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं। चातुर्मास आरंभ — उच्च आध्यात्मिक साधना के चार पावन माह।
विष्णु उपवास, चातुर्मास संकल्प, तुलसी पूजा
27
जून
शनि
प्रदोष व्रत (कृष्ण)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Ashadha (आषाढ़) ·कृष्ण पक्ष
कृष्ण पक्ष प्रदोष — आशीर्वाद और दुःख निवारण हेतु संध्या काल में भगवान शिव और पार्वती की उपासना।
शिव पूजा, शिव अभिषेक, प्रदोष स्तोत्र
29
जून
सोम
गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा
पूर्णिमा
Ashadha (आषाढ़) ·पूर्णिमा
गुरु के सम्मान का सबसे पावन दिन — व्यास पूजा। महाराज जी विशेष आशीर्वाद देते हैं। आषाढ़ पूर्णिमा गुरु-शिष्य परंपरा का आरंभ है।
गुरु वंदना, गुरु पाद पूजा, दान एवं दक्षिणा, विशेष सत्संग
📅
जुलाई 2026
Ashadha (आषाढ़)
10 पावन दिनs
03
जुल.
शुक्र
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
गणेश
Ashadha (आषाढ़) ·कृष्ण पक्ष
मासिक संकष्टी चतुर्थी — सभी बाधाएँ दूर करने हेतु चंद्रोदय के बाद संध्या में भगवान गणेश की उपासना।
गणेश पूजा, चंद्र अर्घ्य, व्रत
06
जुल.
सोम
प्रदोष व्रत (शुक्ल)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Ashadha (आषाढ़) ·शुक्ल पक्ष
आषाढ़ का शुक्ल प्रदोष — शिव पूजा का प्रभावशाली समय। भगवान शिव के लिए 108 दीप जलाना विशेष पुण्यदायी है।
शिव अभिषेक, 108 दीप पूजा, रुद्र पाठ
08
जुल.
बुध
शयनी एकादशी (आषाढ़ शुक्ल)
शयनी एकादशी
एकादशी
Ashadha (आषाढ़) ·शुक्ल पक्ष
भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं — चातुर्मास का औपचारिक आरंभ। देवउठनी एकादशी तक विवाह और शुभ संस्कार सामान्यतः नहीं किए जाते।
विष्णु सहस्रनाम, उपवास, तुलसी पूजा, हरि कीर्तन
10
जुल.
शुक्र
आषाढ़ पूर्णिमा / गुरु पूर्णिमा (समापन)
आषाढ़ पूर्णिमा
पूर्णिमा
Ashadha (आषाढ़) ·पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा — नदी स्नान, सत्यनारायण कथा और देश भर में गुरु पूर्णिमा उत्सव का समापन।
सत्यनारायण कथा, गंगा स्नान, गुरु पूजा
13
जुल.
सोम
हरियाली अमावस्या
हरियाली अमावस्या
अमावस्या
Shravan (श्रावण) ·अमावस्या
सावन की अमावस्या — पितृ तर्पण और वृक्षारोपण (प्रकृति पूजा) के लिए पावन। किसी पवित्र नदी पर या घर पर पितृ संस्कार करें।
पितृ तर्पण, वृक्षारोपण सेवा, पिंडदान
14
जुल.
मंगल
सावन सोमवार आरंभ
सावन सोमवार
शिव मास
Shravan (श्रावण) ·शुक्ल पक्ष
पवित्र श्रावण माह आरंभ — हर सोमवार भगवान शिव को समर्पित। सोमवार को व्रत और रुद्राभिषेक से अपार आशीर्वाद मिलता है।
शिव अभिषेक, रुद्राभिषेक, सावन सोमवार व्रत
18
जुल.
शनि
नाग पंचमी
नाग पंचमी
पंचमी
Shravan (श्रावण) ·शुक्ल पक्ष
नाग देवता की उपासना — परिवार को हर संकट से बचाने हेतु नाग देवता को दूध, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
नाग पूजा, दुग्ध अर्पण, नाग स्तोत्र पाठ
21
जुल.
मंगल
प्रदोष व्रत (शुक्ल)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Shravan (श्रावण) ·शुक्ल पक्ष
सावन प्रदोष — शिव उपासना के लिए विशेष प्रभावशाली। पूरा सावन माह इस प्रदोष को अत्यंत शुभ बनाता है।
शिव पूजा, बिल्व अर्चना, शिव तांडव स्तोत्र
22
जुल.
बुध
श्रावण पूर्णिमा / रक्षा बंधन
रक्षाबंधन
प्रमुख पर्व
Shravan (श्रावण) ·पूर्णिमा
बहनों द्वारा भाइयों को बाँधा जाने वाला रक्षा का पवित्र सूत्र। नारली पूर्णिमा भी। यज्ञोपवीत बदलने वाले ब्राह्मणों के लिए उपाकर्म।
राखी संस्कार, भाई-बहन पूजा, उपाकर्म, सत्यनारायण कथा
29
जुल.
बुध
पुत्रदा एकादशी
पुत्रदा एकादशी
एकादशी
Shravan (श्रावण) ·कृष्ण पक्ष
संतान प्राप्ति के आशीर्वाद हेतु व्रत। श्रद्धा से यह एकादशी करने वालों की संतान की कामना भगवान विष्णु पूर्ण करते हैं।
विष्णु उपवास, कथा, संतान गोपाल मंत्र
📅
अगस्त 2026
Shravan (श्रावण)
9 पावन दिनs
03
अग.
सोम
प्रदोष व्रत (कृष्ण)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Shravan (श्रावण) ·कृष्ण पक्ष
सावन कृष्ण प्रदोष — सावन का अंतिम प्रदोष। शिव उपासना और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत शुभ।
शिव अभिषेक, रुद्राभिषेक, प्रदोष व्रत कथा
05
अग.
बुध
सावन अमावस्या
सावन अमावस्या
अमावस्या
Shravan (श्रावण) ·अमावस्या
पवित्र श्रावण माह की अंतिम अमावस्या। पितृ तर्पण और शिव उपासना — दोनों के लिए पावन।
पितृ तर्पण, शिव पूजा, दीपदान
09
अग.
रवि
नाग पंचमी (भाद्र)
नाग पंचमी (भाद्र)
पंचमी
Bhadrapada (भाद्रपद) ·शुक्ल पक्ष
कुछ क्षेत्रीय परंपराओं में वर्ष की दूसरी नाग पंचमी — परिवार की रक्षा हेतु नाग देवता की उपासना।
नाग पूजा, दुग्ध अर्पण, नाग स्तोत्र
11
अग.
मंगल
जन्माष्टमी
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
प्रमुख पर्व
Bhadrapada (भाद्रपद) ·कृष्ण पक्ष
मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण का जन्म — सनातन धर्म के सबसे प्रिय त्योहारों में से एक। व्रत, भजन और शुभ मुहूर्त में मध्यरात्रि पूजा।
मध्यरात्रि पूजा, व्रत, कृष्ण भजन, झूला उत्सव, दही हांडी
13
अग.
गुरू
प्रदोष व्रत (शुक्ल)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Bhadrapada (भाद्रपद) ·शुक्ल पक्ष
भाद्रपद का प्रदोष व्रत — शिव और पार्वती की साथ में उपासना। दीप जलाना और बिल्व पत्र अर्पित करना पुण्यदायी है।
शिव-पार्वती पूजा, बिल्व अर्चना, प्रदोष कथा
15
अग.
शनि
ओणम / भाद्र पूर्णिमा
ओणम / भाद्र पूर्णिमा
पूर्णिमा
Bhadrapada (भाद्रपद) ·पूर्णिमा
भाद्रपद पूर्णिमा — सत्यनारायण कथा, नदी स्नान और उमामहेश्वर व्रत। केरल में ओणम उत्सव।
सत्यनारायण कथा, गंगा स्नान, उमामहेश्वर व्रत
20
अग.
गुरू
गणेश चतुर्थी
श्री गणेश चतुर्थी
प्रमुख पर्व
Bhadrapada (भाद्रपद) ·शुक्ल पक्ष
भगवान गणेश का जन्म — 10 दिवसीय उत्सव आरंभ। घर या सामुदायिक पंडाल में गणेश प्रतिमा स्थापित करें। गणपति बप्पा के लिए मोदक, दूर्वा और लाल फूल।
गणेश स्थापना, पूजा, मोदक नैवेद्य, गणेश आरती, 10वें दिन विसर्जन
27
अग.
गुरू
अनंत चतुर्दशी / गणेश विसर्जन
अनंत चतुर्दशी
प्रमुख पर्व
Bhadrapada (भाद्रपद) ·शुक्ल पक्ष
गणेश चतुर्थी का समापन — भव्य शोभायात्रा और गणेश प्रतिमा का विसर्जन। भगवान विष्णु के लिए अनंत चतुर्दशी व्रत भी रखा जाता है।
गणेश विसर्जन, अनंत व्रत, विसर्जन शोभायात्रा
28
अग.
शुक्र
भाद्र पूर्णिमा
भाद्र पूर्णिमा
पूर्णिमा
Bhadrapada (भाद्रपद) ·पूर्णिमा
भाद्रपद की पूर्णिमा — सत्यनारायण कथा, पितृ स्नान और भगवान विष्णु एवं पितरों की उपासना।
सत्यनारायण कथा, पितृ तर्पण, गंगा स्नान
📅
अक्टूबर 2026
Ashwin (आश्विन)
10 पावन दिनs
03
सित.
गुरू
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष
Ashwin (आश्विन) ·कृष्ण पक्ष
पितृ पूजन के पावन 15 दिनों का आरंभ। दिवंगत पूर्वजों के लिए प्रतिदिन तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किए जाते हैं।
पितृ तर्पण (दैनिक), श्राद्ध, ब्राह्मण भोजन, पिंडदान
04
सित.
शुक्र
इंदिरा एकादशी
इंदिरा एकादशी
एकादशी
Ashwin (आश्विन) ·कृष्ण पक्ष
पितृ पक्ष की एकादशी — पितृ पूजन काल में यह व्रत पूर्वजों की मुक्ति के लिए विशेष प्रभावशाली है।
विष्णु उपवास, पितृ तर्पण, विष्णु सहस्रनाम
17
सित.
गुरू
महालया / सर्व पितृ अमावस्या
सर्व पितृ अमावस्या
पितृ पक्ष
Ashwin (आश्विन) ·अमावस्या
पितृ पक्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिन — मृत्यु तिथि की परवाह किए बिना सभी पूर्वजों का तर्पण। पितृ पक्ष का समापन। अगले दिन से नवरात्रि आरंभ।
सर्व पितृ तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन, महालया अनुष्ठान
18
सित.
शुक्र
शारदीय नवरात्रि आरंभ
शारदीय नवरात्रि
प्रमुख पर्व
Ashwin (आश्विन) ·शुक्ल पक्ष
माँ दुर्गा की उपासना की नौ पावन रातें आरंभ। नौ दिनों में से प्रत्येक माँ दुर्गा / नवदुर्गा के एक स्वरूप को समर्पित।
कलश स्थापना, देवी पूजा (9 दिन), अखंड ज्योत, दुर्गा सप्तशती
20
सित.
रवि
विनायक चतुर्थी (आश्विन)
विनायक चतुर्थी
गणेश
Ashwin (आश्विन) ·शुक्ल पक्ष
नवरात्रि में मासिक विनायक चतुर्थी — बाधाएँ दूर करने के लिए दोगुनी शुभ। देवी पूजा से पहले गणेश पूजा।
गणेश पूजा, मोदक नैवेद्य, नवरात्रि देवी पूजा
24
सित.
गुरू
महा सप्तमी
महा सप्तमी
त्योहार
Ashwin (आश्विन) ·शुक्ल पक्ष
नवरात्रि की सप्तमी — माँ कालरात्रि की उपासना। सभी देवी मंदिरों में भव्य सप्तमी उत्सव।
माँ कालरात्रि पूजा, कन्या पूजा, नवरात्रि भजन
25
सित.
शुक्र
महा अष्टमी
महा अष्टमी
प्रमुख पर्व
Ashwin (आश्विन) ·शुक्ल पक्ष
नवरात्रि की अष्टमी — सबसे शुभ रात्रि। माँ महागौरी की उपासना, कन्या पूजा (9 कन्याओं का नवदुर्गा रूप में पूजन) और हवन।
माँ महागौरी पूजा, कन्या पूजा, नवमी हवन, संधि पूजा
26
सित.
शनि
महा नवमी
महा नवमी
प्रमुख पर्व
Ashwin (आश्विन) ·शुक्ल पक्ष
नवमी — नवरात्रि का अंतिम दिन। माँ सिद्धिदात्री की उपासना। आयुध पूजा (औज़ारों और शस्त्रों की पूजा)। 9 दिवसीय उत्सव का भव्य समापन।
माँ सिद्धिदात्री पूजा, आयुध पूजा, कन्या भोजन, नवरात्रि हवन
27
सित.
रवि
दशहरा / विजयादशमी
दशहरा / विजयदशमी
प्रमुख पर्व
Ashwin (आश्विन) ·शुक्ल पक्ष
अधर्म पर धर्म की विजय — रावण पर भगवान राम की विजय। महिषासुर पर माँ दुर्गा की विजय का उत्सव। नए आरंभ के लिए सर्वाधिक शुभ।
रामलीला, रावण दहन, सरस्वती पूजा, शमी पूजा, शस्त्र पूजा
30
सित.
बुध
आश्विन पूर्णिमा
आश्विन पूर्णिमा
पूर्णिमा
Ashwin (आश्विन) ·पूर्णिमा
आश्विन की पूर्णिमा — शरद पूर्णिमा, जब चंद्रमा सबसे पूर्ण और पोषक होता है। खीर बनाकर चाँदनी में रखी जाती है।
शरद पूर्णिमा खीर, चंद्र पूजा, सत्यनारायण कथा
📅
अक्टूबर 2026
Kartik (कार्तिक)
11 पावन दिनs
03
अक्टू.
शनि
करवा चौथ
करवा चौथ
प्रमुख पर्व
Kartik (कार्तिक) ·कृष्ण पक्ष
सुहागिन महिलाएँ पति की दीर्घायु के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं। चंद्रोदय के बाद चंद्र पूजा।
निर्जला व्रत, करवा चौथ कथा, चंद्र पूजा, चंद्र अर्घ्य
08
अक्टू.
गुरू
अहोई अष्टमी
अहोई अष्टमी
व्रत
Kartik (कार्तिक) ·कृष्ण पक्ष
माताएँ अपनी संतान की दीर्घायु और कल्याण के लिए व्रत रखती हैं। संध्या में अहोई माता की पूजा।
अहोई माता पूजा, निर्जला व्रत, तारे / चंद्र अर्घ्य
12
अक्टू.
सोम
रमा एकादशी
रमा एकादशी
एकादशी
Kartik (कार्तिक) ·कृष्ण पक्ष
दीपावली से पहले की एकादशी — यह व्रत भक्त को शुद्ध करता है और प्रकाश पर्व के लिए आध्यात्मिक रूप से तैयार करता है।
विष्णु उपवास, विष्णु सहस्रनाम, दीपदान
15
अक्टू.
गुरू
धनतेरस
धनतेरस
प्रमुख पर्व
Kartik (कार्तिक) ·कृष्ण पक्ष
दीपावली का पहला दिन — भगवान धन्वंतरि (आरोग्य के देवता) और लक्ष्मी की उपासना। सोना, चाँदी या बर्तन खरीदना शुभ।
धन्वंतरि पूजा, लक्ष्मी पूजा, सोना/चाँदी खरीद, 13 दीप
16
अक्टू.
शुक्र
नरक चतुर्दशी / छोटी दीपावली
नरक चतुर्दशी
त्योहार
Kartik (कार्तिक) ·कृष्ण पक्ष
दीपावली से पहले की चतुर्दशी — नरकासुर पर भगवान कृष्ण की विजय। सूर्योदय से पहले तेल स्नान, यम के लिए 14 दीप।
प्रातःकालीन स्नान, यम के लिए 14 दीप, हनुमान पूजा
17
अक्टू.
शनि
दीवाली — दीपावली
दीपावली
प्रमुख पर्व
Kartik (कार्तिक) ·अमावस्या
प्रकाश का महापर्व — अमावस्या की रात लक्ष्मी पूजा। घर के हर कोने में दीप जलाएँ, लक्ष्मी-गणेश-कुबेर पूजा करें।
लक्ष्मी-गणेश पूजा, कुबेर पूजा, दीप दर्शन, आकाशदीप, आतिशबाज़ी
18
अक्टू.
रवि
गोवर्धन पूजा / अन्नकूट
गोवर्धन पूजा
प्रमुख पर्व
Kartik (कार्तिक) ·शुक्ल पक्ष
भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया — गोवर्धन की पूजा और प्रभु को अन्नकूट (अन्न का पर्वत) अर्पण।
गोवर्धन पूजा, अन्नकूट अर्पण, गौ पूजा, परिक्रमा
19
अक्टू.
सोम
भाई दूज
भाई दूज
प्रमुख पर्व
Kartik (कार्तिक) ·शुक्ल पक्ष
इस दिन भाई बहनों के घर जाते हैं — बहन भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी दीर्घायु की कामना करती है। भाई-बहन का पवित्र बंधन।
भाई तिलक, बहन के घर भोजन, यम-यमुना कथा
26
अक्टू.
सोम
देवउठनी एकादशी / कार्तिक एकादशी
देवउठनी एकादशी
एकादशी
Kartik (कार्तिक) ·शुक्ल पक्ष
भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं — चातुर्मास समाप्त। विवाह, मुहूर्त और शुभ संस्कार पुनः आरंभ करने का सबसे शुभ दिन।
विष्णु जागरण पूजा, तुलसी विवाह, हरि कीर्तन, विवाह मुहूर्त
28
अक्टू.
बुध
प्रदोष व्रत (शुक्ल)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Kartik (कार्तिक) ·शुक्ल पक्ष
कार्तिक शुक्ल प्रदोष — देवउठनी एकादशी के बाद विशेष शुभ। सभी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु संध्या काल में शिव पूजा।
शिव अभिषेक, प्रदोष पूजा, बिल्व अर्चना
31
अक्टू.
शनि
दान करें
कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा
प्रमुख पर्व
Kartik (कार्तिक) ·पूर्णिमा
वर्ष की सबसे पवित्र पूर्णिमाओं में से एक। त्रिपुरी पूर्णिमा — काशी विश्वनाथ लाखों दीपों से जगमगाते हैं। इस दिन गंगा स्नान से सभी पाप दूर होते हैं।
सूर्योदय पर गंगा स्नान, सत्यनारायण कथा, दीपदान, देव दीपावली
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
📅
दिसम्बर 2026
Margashirsha (मार्गशीर्ष)
5 पावन दिनs
10
नव.
मंगल
उत्पन्ना एकादशी
उत्पन्ना एकादशी
एकादशी
Margashirsha (मार्गशीर्ष) ·कृष्ण पक्ष
वह एकादशी जिस दिन भक्तों की मुर दैत्य से रक्षा हेतु एकादशी देवी प्रकट हुईं। एकादशी व्रत आरंभ करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।
विष्णु उपवास, एकादशी कथा, हरि भजन
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
15
नव.
रवि
मार्गशीर्ष अमावस्या
मार्गशीर्ष अमावस्या
अमावस्या
Margashirsha (मार्गशीर्ष) ·अमावस्या
मार्गशीर्ष की अमावस्या — पितृ तर्पण और विशेष शिव पूजा। गीता में भगवान कृष्ण ने मार्गशीर्ष को अपना स्वरूप बताया है।
पितृ तर्पण, शिव पूजा, दीपदान
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
25
नव.
बुध
मोक्षदा एकादशी
मोक्षदा एकादशी
एकादशी
Margashirsha (मार्गशीर्ष) ·शुक्ल पक्ष
वह एकादशी जिस दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया। गीता जयंती एकादशी भी कहलाती है — अत्यंत पावन।
विष्णु उपवास, गीता पाठ, गीता जयंती उत्सव, हरि कीर्तन
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
27
नव.
शुक्र
गीता जयंती
गीता जयंती
प्रमुख पर्व
Margashirsha (मार्गशीर्ष) ·शुक्ल पक्ष
कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को भगवद्गीता सुनाने के दिन की वर्षगाँठ — विश्वव्यापी महत्व का दिन।
गीता पाठ, गीता सप्ताह, विष्णु पूजा, कीर्तन, प्रवचन
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
30
नव.
सोम
मार्गशीर्ष पूर्णिमा
मार्गशीर्ष पूर्णिमा
पूर्णिमा
Margashirsha (मार्गशीर्ष) ·पूर्णिमा
दत्तात्रेय जयंती — भगवान दत्तात्रेय (ब्रह्मा, विष्णु, महेश के दिव्य त्रिमूर्ति स्वरूप) का जन्म। सत्यनारायण कथा और नदी स्नान।
दत्तात्रेय जयंती पूजा, सत्यनारायण कथा, गंगा स्नान
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
📅
दिसम्बर 2026
Pausha (पौष)
6 पावन दिनs
10
दिस.
गुरू
सफला एकादशी
सफला एकादशी
एकादशी
Pausha (पौष) ·कृष्ण पक्ष
सफला एकादशी का व्रत सभी कार्यों में सफलता देता है। तुलसी, फूल और धूप से भगवान विष्णु की उपासना करें।
विष्णु उपवास, तुलसी पूजा, विष्णु सहस्रनाम, हरि कीर्तन
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
15
दिस.
मंगल
पौष अमावस्या
पौष अमावस्या
अमावस्या
Pausha (पौष) ·अमावस्या
पौष की अमावस्या — विशेषकर सर्दियों में पितृ तर्पण के लिए पावन। इस दिन सूर्य उपासना से दरिद्रता दूर होती है।
पितृ तर्पण, सूर्य पूजा, तिल दान
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
22
दिस.
मंगल
मकर संक्रांति (पूर्व)
मकर संक्रांति (पूर्व)
त्योहार
Pausha (पौष) ·शुक्ल पक्ष
सूर्य की उत्तर दिशा की यात्रा (उत्तरायण) आरंभ। नदी स्नान, तिल अर्पण और पतंगबाज़ी के लिए पावन।
सूर्य पूजा, तिल-गुड़ दान, गंगा स्नान, खिचड़ी भोजन
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
25
दिस.
शुक्र
पौष पुत्रदा एकादशी
पौष पुत्रदा एकादशी
एकादशी
Pausha (पौष) ·शुक्ल पक्ष
संतान और पारिवारिक समृद्धि के आशीर्वाद हेतु पौष की एकादशी। पारिवारिक कामनाओं की पूर्ति हेतु भगवान विष्णु की उपासना।
विष्णु उपवास, संतान गोपाल मंत्र, हरि भजन
इस दिन के लिए पूजा बुक करें
29
दिस.
मंगल
प्रदोष व्रत (शुक्ल)
प्रदोष व्रत
प्रदोष
Pausha (पौष) ·शुक्ल पक्ष
पौष शुक्ल प्रदोष — संध्या में शिव उपासना। सर्दियों में प्रदोष अग्नि में घी मिले तिल अर्पित करना विशेष शुभ है।
शिव अभिषेक, तिल-घी प्रदोष पूजा, बिल्व अर्चना
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31
दिस.
गुरू
पौष पूर्णिमा
पौष पूर्णिमा
पूर्णिमा
Pausha (पौष) ·पूर्णिमा
पौष की पूर्णिमा — माघ स्नान आरंभ। प्रयागराज, वाराणसी और सभी पवित्र नदियों में स्नान। सत्यनारायण कथा शुभ।
त्रिवेणी स्नान, सत्यनारायण कथा, दान एवं पुण्य कर्म
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📅
जनवरी 2027
Pausha (पौष)
2 पावन दिनs
14
जन.
गुरू
लोहड़ी
लोहड़ी
त्योहार
Pausha (पौष) ·शुक्ल पक्ष
सर्दियों का फ़सल और अलाव उत्सव, जो सबसे ठंडे दिनों के अंत का प्रतीक है — विशेषकर पंजाब और उत्तर भारत में उत्साह से मनाया जाता है।
अलाव पूजा, तिल-गुड़ अर्पण, लोकगीत
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15
जन.
शुक्र
मकर संक्रांति
मकर संक्रांति
प्रमुख पर्व
Pausha (पौष) ·शुक्ल पक्ष
सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण आरंभ करता है — नदी स्नान, तिल-गुड़ अर्पण और पतंगबाज़ी के लिए पावन।
सूर्य पूजा, तिल-गुड़ दान, गंगा स्नान, खिचड़ी भोजन
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📅
मार्च 2027
Magha (माघ)
1 पावन दिन
11
फ़र.
गुरू
बसंत पंचमी
बसंत पंचमी
पंचमी
Magha (माघ) ·शुक्ल पक्ष
ज्ञान और कला के लिए माँ सरस्वती की उपासना, बसंत ऋतु का आगमन — शिक्षा और नए कार्यों के आरंभ के लिए शुभ दिन।
सरस्वती पूजा, पीले वस्त्र, विद्यारंभ
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📅
मार्च 2027
Falgun (फाल्गुन)
3 पावन दिनs
06
मार्च
शनि
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि
शिव मास
Falgun (फाल्गुन) ·कृष्ण पक्ष
भगवान शिव की महारात्रि — फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, रात्रि जागरण, रुद्राभिषेक और आध्यात्मिक मुक्ति हेतु व्रत।
रुद्राभिषेक, रात्रि जागरण, बिल्व अर्चना, शिव पूजा
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22
मार्च
सोम
होलिका दहन
होलिका दहन
प्रमुख पर्व
Falgun (फाल्गुन) ·पूर्णिमा
होली की पूर्व संध्या पर जलाई जाने वाली होलिका — बुराई (होलिका) पर भक्ति (प्रह्लाद) की विजय का प्रतीक, फाल्गुन पूर्णिमा को।
होलिका पूजा, अलाव परिक्रमा, जौ अर्पण
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23
मार्च
मंगल
होली
होली
प्रमुख पर्व
Falgun (फाल्गुन) ·शुक्ल पक्ष
बसंत के आगमन और राधा-कृष्ण के शाश्वत प्रेम का रंगोत्सव — सनातन धर्म के सबसे आनंदमय त्योहारों में से एक।
रंग खेलना, गुजिया बाँटना, कृष्ण भजन
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धर्म ज्ञान

समझिए हिंदू तिथि को

पंचांग एक पवित्र विज्ञान है — हर तिथि की अपनी ऊर्जा, देवता और उद्देश्य होता है।

🌑
अमावस्या

अमावस्या की रात — सबसे अंधेरी रात, पितृ तर्पण (पूर्वजों के संस्कार) के लिए पावन। जीवित और दिवंगत के बीच की सीमा सबसे पतली होती है। शुभ कार्यों की शुरुआत से बचें; पितृ पूजन और आत्मचिंतन पर ध्यान दें।

🌕
पूर्णिमा

पूर्णिमा की रात — सबसे समृद्ध तिथि। सत्यनारायण कथा, व्रत, नदी स्नान और भक्ति व दान के सभी कार्यों के लिए पावन। चंद्रमा की ऊर्जा चरम पर होती है, जिससे पूजा और ध्यान विशेष प्रभावशाली होते हैं।

🕉
एकादशी

ग्यारहवीं चंद्र तिथि — सनातन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण नियमित व्रत। माह में दो बार (शुक्ल और कृष्ण पक्ष) मनाया जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित। कहा जाता है कि एकादशी व्रत विशाल दान के समान पुण्य देता है।

🔥
प्रदोष व्रत

दोनों पक्षों की तेरहवीं चंद्र तिथि (त्रयोदशी)। प्रदोष काल (सूर्यास्त से 1.5 घंटे पहले से 1.5 घंटे बाद तक) में भगवान शिव और पार्वती की पूजा। शिव कृपा का सबसे दुर्लभ और सीधा अवसर।

🌟
चतुर्थी

चौथी चंद्र तिथि — भगवान गणेश को समर्पित। विनायक चतुर्थी (शुक्ल) और संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण) हर माह मनाई जाती हैं। इन दिनों गणेश पूजा से बाधाएँ दूर होती हैं और समृद्धि आती है।

🪔
नवरात्रि

माँ दुर्गा की उपासना की नौ पावन रातें — वर्ष में दो बार (चैत्र और शारदीय) मनाई जाती हैं। नौ दिनों में से प्रत्येक नवदुर्गा के एक स्वरूप को समर्पित है। शक्ति उपासना और साधना का सबसे शक्तिशाली समय।

👣
पितृ पक्ष

पूर्वजों को समर्पित 15 दिनों का पक्ष। तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किए जाते हैं। पूर्वजों का सम्मान उनका आशीर्वाद और मुक्ति लाता है — और हमारे अपने जीवन की बाधाएँ दूर करता है।

☀
मकर संक्रांति

सूर्य का मकर राशि में संक्रमण उत्तरायण — सूर्य की शुभ उत्तर दिशा यात्रा — का आरंभ है। इस दिन किए गए सभी कार्य अपार पुण्य देते हैं। नदी स्नान, तिल अर्पण और पतंगबाज़ी पारंपरिक हैं।

॥ तिथिं शुभां विद्धि ॥

घर पर पूजा अगले शुभ दिन पर

हर तिथि की एक अनूठी दिव्य ऊर्जा होती है। सही दिन चुनें, सही पूजा करें और ब्रह्मांडीय संयोग को अपने पक्ष में काम करने दें। हमारे पंडित तैयार हैं।